यह बहुत ही डरावना होता है, जो आपको बुरी तरह से डरा देता है.
डरावना सपना देखना कोई बीमारी नहीं है, लेकिन जब यह बार-बार हो, दिनभर काम करने की क्षमता कम करे, दिमाग में उसकी यादें बनी रहें या व्यक्ति सोने से ही डरने लगे, तब इसे नाइटमेयर डिसऑर्डर माना जाता है. ऐसे लोगों में अक्सर थकान, चिड़चिड़ापन, ध्यान की कमी, याददाश्त में कमी और बुरे सपनों का लगातार डर देखने को मिलता है. बच्चों में यह समस्या होने पर माता-पिता की नींद भी प्रभावित होती है.
मन में कोई तनाव हो तो उसे डायरी में लिख देने से आप हल्के होकर सो पाते हैं
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मायो क्लीनिक की रिपोर्ट के मुताबिक रात को डरावने सपने आने से लोग डर, चिंता, बेचैनी या अनसेफ महसूस करते है. कई बार ये सपने इतने विचलित करने वाले हो सकते हैं कि अक्सर नींद टूट जाती है और वापस सोना मुश्किल हो जाता है. कभी-कभार आने वाले ऐसे सपने सामान्य माने जाते हैं, लेकिन जब वे बार-बार आने लगें और दिनचर्या पर असर डालने लगें, तब उन्हें नाइटमेयर डिसऑर्डर कहा जाता है.
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सपनों को एक्सप्लेन करें: उन अंतर्निहित भावनाओं और स्थितियों को समझने के लिए अपने सपनों का विश्लेषण करें जो उन्हें पैदा कर सकती हैं।
डॉक्टर से सलाह लें: अगर दवाओं के click here कारण आपको बुरे सपने आ रहे हैं, तो सबसे पहले अपने डॉक्टर से बात करें। वे आपकी दवा बदल सकते हैं या खुराक को कम कर सकते हैं।
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रिलैक्सेशन तकनीक: एक्सपर्ट के अनुसार बिस्तर पर जाने से पहले तनाव के स्तर को प्रबंधित करने के लिए मेडिटेशन, डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज, मसल्स रिलैक्सेशन का अभ्यास करें। इस प्रकार आपका दिमाग रिलैक्स रहता है और आपको बुरे सपने नहीं आते।
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हार्ट चेकअप करवाएं: अगर आपको बार-बार डरावने सपने आते हैं या दिल की धड़कन तेज होती है, तो इसे नजरअंदाज न करें। किसी डॉक्टर से जांच करवाएं।